मैनिफ़ेस्टो

नमस्ते, इंसान।

इंटरनेट लोगों ने, लोगों के लिए बनाया था। रास्ते में कहीं, यह उन्हें बाकी सब चीज़ों से अलग पहचानने की क्षमता खो बैठा।

आज एक मशीन आपकी तरह लिख सकती है, आपकी तरह बोल सकती है और आपकी तरह दिख सकती है। कमेंट सेक्शन में बॉट बहस करते हैं। नकली खातों के फ़ार्म तय करते हैं कि क्या पॉपुलर है। असली चेहरों की कॉपी ऐसी चीज़ें बेचती हैं जो उनके असली मालिकों ने कभी कही ही नहीं।

हर दिन यह पहचानना मुश्किल होता जा रहा है कि कौन असली है। और जब आप यह नहीं पहचान पाते कि कौन असली है, तो किसी पर भी भरोसा करना मुश्किल हो जाता है।

हमें लगता है कि जवाब सीधा है: इंटरनेट को यह पता होना चाहिए कि आप इंसान हैं, और इससे ज़्यादा कुछ नहीं।

आपका नाम नहीं, जब तक आप खुद न बताना चाहें। न आपका चेहरा, न पता, न आपका इतिहास। बस वह एक बात जो मशीनों से भरे इंटरनेट में सबसे ज़्यादा मायने रखती है: यहाँ एक असली इंसान है।

Kin Identity यही बना रहा है। इंटरनेट के लिए एक इंसानी परत, जहाँ हर खाता एक असली इंसान का है, और उससे क्या पता चले, यह उसी इंसान के हाथ में रहता है।

हमारा मानना है कि आपकी पहचान आपकी है।

इंसान होना साबित करने का मतलब कभी खुद को सौंप देना नहीं होना चाहिए। हम उतना ही इकट्ठा करते हैं जितना ज़रूरी है, अपने नियम लिखकर रखते हैं, और आप जब चाहें छोड़ सकते हैं।

हमारा मानना है कि हर किसी को शामिल होना चाहिए।

इंसानी इंटरनेट को हर इंसान के लिए काम करना चाहिए। इसीलिए Kin पहली स्क्रीन से 19 भाषाएं बोलता है, और इसीलिए जुड़ना मुफ़्त है।

हमारा मानना है कि जो लोग किसी नेटवर्क को कीमती बनाते हैं, उन्हें उसमें हिस्सा मिलना चाहिए।

नेटवर्क इसलिए बढ़ते हैं क्योंकि लोग आते हैं, अपने दोस्तों को बुलाते हैं और उसे ऐसी जगह बनाते हैं जिसका हिस्सा बनना सार्थक लगे। $KIN के साथ, हर चीज़ का एक तय हिस्सा उन लोगों के पास लौटता है जो इसे मिलकर बनाते हैं।

शुरुआत Kin ID से होती है: एक ऐसी जगह जहाँ आप जिससे भी मिलें, वह असली है। यह आखिरी चीज़ नहीं होगी जो हम बनाएंगे। आगे आने वाला हर Kin प्रोडक्ट इसी वादे से शुरू होगा।

एक इंसान। एक खाता। कोई बॉट नहीं। कोई कॉपी नहीं। असली बनें। Kin बनें।

Kin Identity टीम